रिलायंस शो रूम में हुई लूट की घटना में शामिल 02 अभियुक्तों को दून पुलिस ने किया चिन्हित
(संवाददाता एनकाउंटर समाचार)
देहरादून। देहरादून में रिलायंस ज्वैलरी शोरूम में हुई लूट की घटना में विभिन्न टीमें गैर प्रान्तों में अभियुक्तों की धर पकड हेतु निरन्तर प्रयासरत हैं। उक्त घटना में अब तक पुलिस द्वारा 02 अभियुक्तों प्रिंस कुमार पुत्र शिवनाथ सिंह, निवासी दिलावरपुर गोवर्धन, जिला बिदुपुर, बिहार तथा विक्रम कुशवाहा पुत्र राम प्रवेश सिंह निवासी दिलावर गोवर्धन, वैशाली जिला वैशाली, बिहार को चिन्हित किया गया है, जिनकी धरपकड हेतु पुलिस द्वारा बिहार व अन्य प्रान्तों में लगातार दबिशें दी जा रही हैं। दोनो अभियुक्त बेहद शातिर किस्म के अपराधी हैं, जिनके विरूद्ध अन्य प्रान्तों में संगीन अपराधों के कई अभियोग पंजीकृत हैं।

अभियुक्त प्रिंस के विरूद्ध जून 2020 में अपने साथियों के साथ मिलकर अपने गांव दिलावरपुर गोवर्धन की मुखिया पूनम देवी के पति लव कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या करने के संबंध में थाना बिदुपुर, जिला वैशाली में हत्या का अभियोग पंजीकृत है तथा अभियुक्त विक्रम कुशवाह पर थाना सदर हाजीपुर जिला वैशाली में हथियारों के दम पर सुबोध पासवान नाम के व्यक्ति का अपरहण करने तथा उसे बचाने आये ग्रामीणों पर गोली चलाकर जानलेवा हमला करने के संबंध में अभियोग पंजीकृत है। इसके अतिरिक्त उक्त दोनों अभियुक्त 14 जून 2023 को सांगली महाराष्ट्र में रिलायंस ज्वैलरी शोरूम में हुई 14 करोड की लूट में भी सांगली से वांछित/ प्रकाश में आये है।
गैंग लीडर सुबोध कुमार की लातूर पुलिस द्वारा पुलिस कस्टडी रिमाण्ड ली गई थी, जिससे जानकारी प्राप्त करने हेतु एक टीम को लातूर रवाना किया गया था, उक्त टीम द्वारा अभियुक्त से पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई, जिसमें किसी घटना को करने से पूर्व अभियुक्तों द्वारा 40-50 किलो मीटर की दूरी पर अलग-अलग वाहनों को खडा किया जाता था तथा वाहन चालकों को केवल दो से तीन व्यक्तियों अथवा उनके द्वारा दिये गए सामान को अपने स्थान से दूसरे पूर्व निर्धारित स्थान तक छोडने मात्र की जानकारी दी जाती थी, इसके अतिरिक्त घटना में शामिल अभियुक्तों को भी एक दूसरे के नाम व घटना में उनके रोल के अलावा और कोई जानकारी नहीं दी जाती थी, जिससे घटना के दौरान किसी के पकडे जाने पर वह अन्य लोगों के सम्बन्ध में और कोई जानकारी न दे पाये। गैंग द्वारा लूट में बरामद माल को नेपाल में 70% कीमत में बेचकर उनसे नगद पैसे प्राप्त कर लिए जाते थे तथा घटना के कुछ संमय बाद मामला थोड़ा शांत होने पर पैसों को आपस मे बांट लिया जाता था।
सुबोध गैंग द्वारा पश्चिम बंगाल के रायगंज में रिलायंस शोरूम में करोड़ों रुपए मूल्य के आभूषणों,
बड़ानगर में मन्नापुरम गोल्ड में 11 करोड़ कीमत के सोने,
आसनसोल में मुथूट फाइनेंस में 14 करोड़ कीमत के सोने,
महाराष्ट्र के सांगली में रिलायंस शोरूम में 14 करोड़ के आभूषण,
नागपुर में मन्नापुरम गोल्ड में 15 करोड़ का सोना,मध्य प्रदेश के कटनी में मन्नापुरम गोल्ड से 08 करोड़ कीमत का सोना,राजस्थान में उदयपुर में मन्नापुरम गोल्ड से 12 करोड़ कीमत का सोना,भिवाड़ी में एक्सिस बैंक से 90 लाख कैश तथा 30 लाख का सोना,व अन्य प्रांतों में भी लूट व डकैती की घटनाओं का अंजाम दिया है।

