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केंद्रीय गृह मंत्री के साथ उत्तराखंड में सहकारिता, आपदा प्रबंधन, गृह विभाग, वाइब्रेंट विलेज की समीक्षा की, लिए गए कई अहम निर्णय

केंद्रीय गृह मंत्री के साथ उत्तराखंड में सहकारिता, आपदा प्रबंधन, गृह विभाग, वाइब्रेंट विलेज की समीक्षा की, लिए गए कई अहम निर्णय

(संवाददाता एनकाउंटर समाचार)

देहरादून। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज देहरादून में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान कई अहम निर्णय लिए गए।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राज्य के समस्त 670 पैक्स में कॉमन सर्विस सेन्टर खोले जाएं। इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया की राज्य के प्रत्येक जनपद में 5 पैक्स में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोले जाएंगे। साथ ही प्रत्येक पैक्स में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र खोले जाएंगे। यह भी तय हुआ कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक जिले में पांच पैक्स द्वारा जल जीवन मिशन योजना के तहत जलापूर्ति संचालन एवं रखरखाव का कार्य किया जाएगा।

साथ ही पैक्स को पेट्रोल एवं डीजल पंप खोलने एवं गैस एजेंसी खोलने के लाइसेंस प्रदान किये जायेंगे। बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु एवं विभागीय सचिव उपस्थित रहे।

जोशीमठ आपदा को लेकर प्राप्त की जानकारी

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने जोशीमठ आपदा के संबंध में भी राज्य के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा जो 1845 करोड़ की सहायता राशि जोशीमठ के लिए मंजूर की गई है, उसके लिए उनके द्वारा सहमति प्रदान की गई। इसके अलावा बताया गया कि इसमें 1464 करोड़ का केंद्रीय अंश जल्द ही जारी किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा आपदाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू करने को लेकर भी निर्देश दिए गए। सचिव आपदा प्रबंधन द्वारा इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य द्वारा मल्टी हज़ारडस अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है इसका 118 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर प्रेषित किया गया है ।इस योजना को विश्व बैंक के द्वारा पोषित किया जाना है।

केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्देश दिये गये कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित शहरों में जो भवन निर्माण होंगे उनके लिए ईको फ्रेंडली और सतत विकास की अवधारणा के अनूरूप हों, ऐसी भवन उपविधियाँ बनाई जायें ।
पर्वतीय क्षेत्रों में वर्तमान में स्थित शहरों के बाबत पूछे जाने पर सचिव आपदा प्रबंधन द्वारा अवगत कराया गया कि इनका टोपोग्राफिकल, जिओटेक्निकल, जीओलॉजिकल, ज्योग्राफिकल तथा मिट्टी, पानी, कैरिंग कैपिसिटी को लेकर समस्त शहरों का अलग अलग परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के उपरांत परिणाम आएंगे उनके हिसाब से सबके लिए अलग अलग नियम और विधियां बनाई जाएंगी।

गृह विभाग की भी समीक्षा बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री के द्वारा आज सहकारिता विभाग के साथ ही गृह विभाग की भी समीक्षा बैठक ली गई। केंद्रीय मंत्री के द्वारा इस दौरान सीमा प्रबंधन से लेकर आपदा प्रबंधन, आईटी एक्ट, फायर सर्विसेज, जेल विभाग, प्रॉसिक्यूशन इत्यादि की समीक्षा की गई। उन्होंने मॉडल जेल एक्ट, मॉडल फायर बिल को लेकर के सम्बंध में भी चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री जी के थीम एक राष्ट्र, एक यूनिफॉर्म पुलिस के बारे में भी उनके द्वारा चर्चा की गई। पुलिस प्रशिक्षण में एकरूपता को लेकर भी इस दौरान चर्चा की गई। एनडीपीएस और ड्रग्स में प्रभावी कार्यवाही करने के लिए राज्य स्तर और जिला स्तर पर एनकॉर्ड की बैठकें नियमित रूप से करने के निर्देश दिए गए। नेशनल ऑटोमेटेड फिंगर प्रिंट आइडेंटीफिकेशन सिस्टम में अधिक से अधिक अपराधियों का रिकॉर्ड अपलोड करने को भी निर्देशित किया गया।

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